आर्ष कन्या गुरूकुल कुण्डली, सोनीपत

कन्याओं के लिए आर्ष वैदिक शिक्षा एवं आधुनिक पद्धति का पूर्ण आवासीय शिक्षण संस्थान

प्रवेश सूचना (Admission Notice): सत्र 2025-26 के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारम्भ (01 अप्रैल से 30 जून तक) | आयु सीमा: 10-12 वर्ष | 100% निःशुल्क शिक्षा एवं आवासीय व्यवस्था।
नया अपडेट 📢
सत्र 2025-26 के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारम्भ (01 अप्रैल से 30 जून तक) | आयु सीमा: 10 से 12 वर्ष | योग्यता: 5वीं कक्षा उत्तीर्ण | छात्राओं के लिए 100% निःशुल्क शिक्षा एवं आवासीय व्यवस्था (भोजन शुल्क अनिवार्य) | सम्पर्क सूत्र:- मो. 9999299300, 9999655363
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सत्र 2025-26 के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारम्भ (01 अप्रैल से 30 जून तक) | आयु सीमा: 10 से 12 वर्ष | योग्यता: 5वीं कक्षा उत्तीर्ण | छात्राओं के लिए 100% निःशुल्क शिक्षा एवं आवासीय व्यवस्था (भोजन शुल्क अनिवार्य) | सम्पर्क सूत्र:- मो. 9999299300, 9999655363

आर्ष कन्या गुरुकुल कुण्डली, सोनीपत में आपका हार्दिक स्वागत है।

महर्षि दयानन्द सरस्वती द्वारा निर्देशित आर्षपाठ विधि का प्रचार-प्रसार एवं वैदिक वाङ््मय का पठन-पाठन तथा कन्याओं के सर्वांगीण विकास के लिए स्वामी ओमानन्द सरस्वती द्वारा स्थापित आर्ष कन्या गुरुकुल कुण्डली, सोनीपत एक विश्वविख्यात शिक्षण संस्थान है।

📍 हमारा मिशन

बेटियों को वैदिक संस्कारों द्वारा शिक्षित व स्वावलम्बी बनाना।

👁️ हमारा विजन

प्राचीन मूल्यों से सशक्त नारी और आदर्श समाज का निर्माण करना।

आर्ष कन्या गुरूकुल कुण्डली, सोनीपत में आपका हार्दिक स्वागत है।

महर्षि दयानन्द सरस्वती द्वारा निर्देशित आर्षपाठ विधि का प्रचार-प्रसार एवं वैदिक वाङ्मय का पठन/पाठन तथा कन्याओं के सर्वांगीण विकास के लिए स्वामी ओमानन्द सरस्वती द्वारा स्थापित आर्ष कन्या गुरुकुल कुण्डली, सोनीपत एक विश्वविख्यात शिक्षण संस्थान है।

हमारा मिशन

बेटियों को वैदिक संस्कारों द्वारा शिक्षित व स्वावलम्बी बनाना

हमारा विजन

प्राचीन मूल्यों से सशक्त नारी और आदर्श समाज का निर्माण करना

हमारा आधार: शिक्षा एवं संस्कार

⚖️

पूर्ण अनुशासन

अनुशासन का पालन करते हुए छात्राओं का सर्वांगीण चरित्र निर्माण।

नारी सशक्तिकरण

बेटियों को आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाकर समाज में गौरवपूर्ण स्थान दिलाना।

🇮🇳

राष्ट्र निर्माण

शिक्षा के माध्यम से ऐसी छात्राओं को तैयार करना जो राष्ट्र की उन्नति में योगदान दें।

हमारा आधार: शिक्षा एवं संस्कार

⚖️

पूर्ण अनुशासन

अनुशासन का पालन करते हुए छात्राओं का सर्वांगीण चरित्र निर्माण।

नारी सशक्तिकरण

बेटियों को आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाकर समाज में गौरवपूर्ण स्थान दिलाना।

🇮🇳

राष्ट्र निर्माण

शिक्षा के माध्यम से ऐसी छात्राओं को तैयार करना जो राष्ट्र की उन्नति में योगदान दें।

वैदिक एवं आधुनिक शिक्षा

आर्ष पाठ विधि एवं आधुनिक विषयों जैसे कंप्यूटर व विज्ञान का संगम।

सुरक्षित आवासीय व्यवस्था

कन्याओं के लिए पूर्णतः सुरक्षित, अनुशासित छात्रावास।

निःशुल्क शिक्षण व्यवस्था

शिक्षण, बिजली, पानी और आवास की सुविधा पूर्णतः निःशुल्क।

Swami Omanand
हमारे प्रेरणास्रोत (Our Founder)

स्वामी ओमानन्द सरस्वती

स्वामी ओमानन्द सरस्वती जी का जीवन राष्ट्रसेवा और शिक्षा के प्रति समर्पित रहा। उन्होंने अपनी पैतृक संपत्ति (250 बीघा भूमि) दान करके इस गुरुकुल की नींव रखी ताकि कन्याओं को संस्कारों के साथ आधुनिक शिक्षा प्राप्त हो सके।

"हमारा उद्देश्य महर्षि दयानन्द सरस्वती द्वारा अनुमोदित वैदिक शिक्षा प्रणाली के आधार पर विदुषी और चरित्रवान् कन्याओं का निर्माण करना है।"
जीवन परिचय पढ़ें

हमारी विशेषताएँ (Our Specialities)

संस्कार, संस्कृति और आधुनिकता का संगम

अध्यात्म और नैतिकता
छात्राओं को भौतिकवाद के काल में अध्यात्मवाद की ओर प्रेरित करना और प्राचीन नैतिक आधार पर शिक्षा प्रदान करना। (Inspiring students towards spirituality and moral-based education.)
गहन शास्त्र अध्ययन
वेद, उपनिषद्, दर्शन और व्याकरण जैसे गहन विषयों का प्राचीन पद्धति से अध्ययन। (In-depth study of Vedas, Upanishads, Philosophy, and Grammar.)
शारीरिक विकास
स्वास्थ्य विकास के लिए व्यायाम, आसन, प्राणायाम, और तलवार-मुद्गर जैसी प्राचीन युद्ध कलाओं का अभ्यास। (Physical development through Yoga, Pranayama, and traditional Martial Arts.)
आधुनिक कंप्यूटर शिक्षा
छात्राओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए सुसज्जित कंप्यूटर कक्ष की विशेष व्यवस्था। (Well-equipped Computer Lab for modern technical education.)
निःशुल्क व्यवस्था
सभी छात्राओं के लिए शिक्षा, बिजली, पानी और रहन-सहन की सुविधा पूर्णतः निःशुल्क। (Completely free education, electricity, water, and residential facilities.)
गुरुकुल निवास
प्राचीन महर्षियों की भाँति गुरुकुल में ही निवास कर ब्रह्मचर्य पूर्वक विद्याध्ययन करना। (Residential learning following the ancient celibacy lifestyle of sages.)

प्रवेश प्रक्रिया (Admission Process)

प्रवेश अवधि 01 अप्रैल से 30 जून तक
आयु सीमा 10 वर्ष से 12 वर्ष के बीच
शैक्षणिक योग्यता पाँचवीं कक्षा उत्तीर्ण
प्रवेश की विस्तृत जानकारी

उपलब्ध उपाधियाँ

प्रथमा मिडिल के समकक्ष अवधि 3 वर्ष
उत्तर मध्यमा 10+2 के समकक्ष अवधि 4 वर्ष
शास्त्री बी.ए. के समकक्ष अवधि 3 वर्ष
आचार्य प्रत्येक की अवधि 2 वर्ष

विषय: व्याकरणाचार्य, वेदाचार्य, दर्शनाचार्य, राजशास्त्राचार्य, साहित्याचार्य

विशिष्ट परीक्षा यथासम्भव

शिक्षा, आवास और बिजली-पानी पूर्णतः निःशुल्क

हमारा संकल्प: धन के अभाव में कोई भी बेटी शिक्षा से वंचित न रहे।

शिक्षण शुल्क (Tuition Fee) निःशुल्क
छात्रावास एवं बिजली (Hostel) निःशुल्क
पानी एवं अन्य सुविधाएँ निःशुल्क
भोजन शुल्क (Food) भुगतान अनिवार्य
🎓

विद्वान् आचार्य

अनुभवी आचार्यों के मार्गदर्शन में छात्राओं को प्राचीन शास्त्रों का ज्ञान दिया जाता है।

🧘

योग एवं साधना

दैनिक यज्ञ और योग के माध्यम से छात्राओं के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का पूर्ण विकास।

🏠

सुरक्षित छात्रावास

कन्याओं के रहने के लिए पूर्णतः सुरक्षित एवं घरेलू वातावरण युक्त आवासीय व्यवस्था।

शैक्षणिक पाठ्यचर्या (Academics)

आर्ष एवं आधुनिक शिक्षा का अद्भुत संगम

🏫

विद्यालय स्तर

कक्षा 6 से 12 तक की शिक्षा, जो हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड, भिवानी से मान्यता प्राप्त है।

HBSE Board
🎓

उच्च शिक्षा

शास्त्री (B.A.) एवं आचार्य (M.A.) की डिग्रियां, जो महर्षि दयानन्द विश्वविद्यालय, रोहतक से संबद्ध हैं।

MDU Rohtak
📜

आर्ष पाठ विधि

महर्षि दयानन्द सरस्वती द्वारा अनुमोदित विधि से वेद, व्याकरण, दर्शन और उपनिषदों का गहन अध्ययन।

वैदिक शिक्षा

सुसज्जित पुस्तकालय

गुरुकुल में एक विशाल एवं समृद्ध पुस्तकालय है जहाँ छात्राओं के ज्ञानार्जन के लिए विभिन्न विषयों की हज़ारों पुस्तकें उपलब्ध हैं। यहाँ प्राचीन पांडुलिपियों से लेकर आधुनिक वैज्ञानिक ग्रंथों का अनूठा संग्रह है।

"पुस्तकालय वह स्थान है जहाँ भूतकाल और भविष्य का मिलन वर्तमान में होता है।"
📚 2000+ पुस्तकें
📖 वैदिक साहित्य
🧘 शांत वातावरण
📑 संदर्भ ग्रंथ
🔬 सुसज्जित प्रयोगशाला
छात्राओं के व्यावहारिक ज्ञान के लिए गुरुकुल में आधुनिक विज्ञान और कंप्यूटर प्रयोगशाला की व्यवस्था है। यहाँ विज्ञान के नियमों को प्रयोगों के माध्यम से सरलता से समझाया जाता है।
  • आधुनिक कंप्यूटर लैब
  • विज्ञान प्रयोग उपकरण
  • प्रायोगिक शिक्षण
🏹 खेल एवं व्यायाम
शारीरिक स्वास्थ्य के लिए गुरुकुल में प्राचीन और आधुनिक दोनों प्रकार के खेलों का अभ्यास कराया जाता है। छात्राओं को आत्मरक्षा और अनुशासन के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है।
  • योगासन एवं प्राणायाम
  • तलवार एवं मुद्गर अभ्यास
  • मैदानी खेल

आदर्श दैनिक दिनचर्या

04:00 AM जागरण एवं शुद्धि
05:00 AM यज्ञ, ईश-प्रार्थना एवं योग
08:00 AM अल्पाहार एवं स्वाध्याय
09:00 AM - 04:00 PM अध्यापन एवं कक्षाएं
08:00 PM रात्रि विश्राम